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मैंने हल्के हाथ से मां की चूत को सहलाना शुरू किया। मैं साथ में इस बात का भी ध्यान रख रहा था कि कहीं मां की न टूट जाए और सारा मनोरंजन व्यर्थ न हो जाए। मैं उनकी चूत को आहिस्ता से छेड़ता रहा। मेरा लंड फटने को था।<br>मैं अब नहीं रुका। मैंने हाथ फेरते हुए अपनी बड़ी उंगली उनकी चूत में डालने का प्रयास किया। धीरे-धीरे मैंने मां की चूत में उंगली डाली।मैं अब और अधिक साहस से उनकी चूत में उंगली चलाने लगा। चूत में उंगली चलाना बहुत अच्छा लगा। जैसे मैं किसी मक्खन से भरी कटोरी में हाथ डाल रहा हूँ। मैं एक या दो मिनट तक उनकी चूत में उंगली डालता रहा।<br>फिर मैंने देखा कि उसकी चूत से कुछ गीला निकलने लगा। मेरा उत्साह इसे देखकर बढ़ गया। मैंने भी धीरे-धीरे अपनी दूसरी उंगली उसकी चूत में डाली। मैंने उनकी चूत में बहुत सावधानी से उंगली चलाना शुरू किया।<br>इस समय मां की सांसें बहुत तेजी से चलने लगीं। मैं जानता था कि शायद मां कोई सपना देख रही है। वह शायद सपने में किसी से चुदवा रही होगी। इसलिए दो बार चूत में उंगली डालने पर भी वह नहीं रही थी। अब मैं काफी साहसी हो गया था।<br>मैंने अब मां के पैरों को फैलाना शुरू किया।
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